श्रीमद्भागवत · समग्र अनुशीलन

5000 वर्ष पुराना ज्ञान
आज की समस्याओं के उत्तर

डॉ. आभा गुप्ता द्वारा श्रीमद्भागवत का सरल, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी अध्ययन।

पुस्तक श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन का मुखपृष्ठ

भागवत आज क्यों

कथा नहीं — रोज़ के प्रश्नों का उत्तर

तीन क्षेत्र, जहाँ यह ज्ञान आज सबसे अधिक काम आता है।

भागवत आज क्यों

मन

चिंता, अत्यधिक सोचना और तनाव।

उद्धव गीता का उत्तर — परिणाम छोड़ो, कर्तव्य उठाओ।

संबंध

प्रेम, विश्वास और परिवार।

गोपी-विरह से रुक्मिणी तक — रिश्तों का व्यावहारिक पाठ।

जीवन

उद्देश्य, करियर और आध्यात्म।

‘मैं कौन हूँ?’ — यही प्रश्न भागवत का केंद्र है।

समस्या से खोजें

जो आज चुभ रहा है, उसी से शुरू करें

सात श्रेणियाँ, चालीस समस्याएँ — प्रत्येक का स्रोत भागवत के किसी स्कंध में है।

समस्या से खोजें

चिंता, क्रोध, अकेलापन और अत्यधिक सोचना।

सभी 40 शिक्षाएँ देखें

आज का सुविचार

आज का सुविचार

भक्ति को उम्र, पद या अनुमति की आवश्यकता नहीं — प्रह्लाद केवल पाँच वर्ष के थे।

प्रह्लाद · स्कंद 7.8–9

वीडियो श्रृंखला

चालीस भाग — एक समस्या, एक प्रसंग

प्रत्येक भाग एक आधुनिक समस्या को भागवत के एक प्रसंग से जोड़ता है।

वीडियो श्रृंखला

बारह स्कंध

भागवत का ढाँचा — एक दृष्टि में

प्रत्येक स्कंध किसी एक जीवन-प्रश्न का उत्तर देता है।

बारह स्कंध

  1. स्कंध 1मुकुंद उपासनाजीवन का उद्देश्य; भक्ति सर्वोच्च लक्ष्यपरीक्षित ने मृत्यु को कृपा मानकर स्वीकारा (1.18–19)19 अध्याय · ईश्वर पर संशय, उदासी, दुख, खालीपन
  2. स्कंध 2ब्रह्मांड विज्ञान और आत्मामैं कौन हूँ? अस्तित्व के स्तर; कालब्रह्मा ने अंधकार में ध्यान किया (2.9)12 अध्याय · पहचान का संकट, मृत्यु-भय, अस्तित्व का खालीपन
  3. स्कंध 3सृष्टि और कपिल-सांख्यसृष्टि; सांख्य दर्शन; शरीर और आत्माकपिल ने देवहूति को सांख्य सिखाया (3.25–27)33 अध्याय · शरीर की छवि, माता-पिता से संबंध, परवरिश
  4. स्कंध 4विपरीत परिस्थिति में भक्तिविरोध के बावजूद भक्ति; अहंकार बनाम समर्पणध्रुव की पाँच वर्ष की तपस्या (4.8–12)31 अध्याय · माता-पिता से मतभेद, क्रोध, दफ्तर का धोखा
  5. स्कंध 5ब्रह्मांड भूगोल और ऋषभदेवविरक्ति; धार्मिक राजत्व; काल-चक्रऋषभदेव ने राज्य त्यागा (5.5)26 अध्याय · लालच, लत, भौतिकवाद बनाम अर्थ
  6. स्कंध 6दिव्य सुरक्षा और कृपाकृपा; पाप और मोक्ष; नारायण कवचअजामिल ने ‘नारायण’ कहा और मोक्ष पाया (6.1–2)19 अध्याय · लंबी बीमारी, मृत्यु-भय, आध्यात्मिक दूरी
  7. स्कंध 7प्रह्लाद और नरसिंहअटूट भक्ति; भगवान भक्त की रक्षा करते हैंनरसिंह खंभे से प्रकट हुए (7.8–9)15 अध्याय · जहरीला माहौल, नौकरी का धोखा, लंबी बीमारी
  8. स्कंध 8समुद्र मंथन और अवतारकठिनाई में धैर्य; थकान में समर्पणगजेंद्र का समर्पण (8.3)24 अध्याय · नौकरी जाना, तनाव, संतान-कामना
  9. स्कंध 9धार्मिक वंशावलीपारिवारिक धर्म; विवाह; पीढ़ियों का ज्ञानरुक्मिणी ने कृष्ण को पत्र लिखा (10.52)24 अध्याय · संयुक्त परिवार, भाई-बहन झगड़ा, जीवनसाथी चुनाव
  10. स्कंध 10कृष्ण चरित्र — संपूर्णदिव्य जीवन — प्रेम, कर्तव्य, मित्रतागोपियों का विरह (10.29); सुदामा मिलन (10.80)90 अध्याय · सभी रिश्ते, करियर और पहचान की समस्याएँ
  11. स्कंध 11उद्धव गीता — अंतिम उपदेशअंतिम शिक्षा; विरक्ति; सच्चा ज्ञानउद्धव ने पूछा ‘मैं कौन हूँ?’ — कृष्ण का उत्तर (11.13)31 अध्याय · चिंता, पहचान संकट, करियर मार्ग, अत्यधिक सोचना
  12. स्कंध 12कलियुग और मोक्षअंधकार युग की भविष्यवाणी; कीर्तन उपायकलियुग लक्षण (12.2–3); नाम-कीर्तन (12.3.51)13 अध्याय · नैतिक पतन, नकली गुरु, सामाजिक अविश्वास, दूरी
पुस्तक का मुखपृष्ठ

पुस्तक

श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन

सात दिनों की कथा में जो प्रसंग छूट जाते हैं, यह पुस्तक उन्हें क्रम से खोलती है — बारह स्कंधों का सम्पूर्ण अनुशीलन, आम पाठक की भाषा में।

  • 12 स्कंध
  • सरल हिन्दी
  • शोध आधारित
  • जीवनोपयोगी
लेखिका डॉ. आभा गुप्ता

लेखिका

डॉ. आभा गुप्ता

श्रीमद्भागवत महापुराण को सरल शब्दों में लिखने का यह प्रयास एक विद्वान वक्ता का नहीं, एक आम पाठक का है — जो स्वयं समझना चाहती थी कि यह कथा वास्तव में क्या कहती है।

  • 2009आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय सम्मान
  • 2014अंतर्राष्ट्रीय सम्मान — प्रताप महाविद्यालय, अमलनेर (महाराष्ट्र)
  • 2023विद्यावाचस्पति मानद उपाधि — थावे विद्यापीठ, बिहार
  • 2023शिक्षा भूषण सम्मान — त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू (नेपाल)
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