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मानसिक स्वास्थ्य · स्कंद 1

दुख और किसी प्रिय का बिछड़ना

7 दिन में मोक्ष — एक राजा ने मृत्यु को उपहार कैसे बना लिया

मूल शिक्षा

दुख स्वाभाविक है; समर्पण उसे कृपा में बदल देता है

कथा / श्लोक संदर्भ
परीक्षित ने मृत्यु स्वीकारी (1.18)
स्कंध
स्कंद 1सृष्टि और भक्ति का उद्देश्य

इस स्कंध का सार

जीवन का उद्देश्य; भक्ति सर्वोच्च लक्ष्य

परीक्षित ने मृत्यु को कृपा मानकर स्वीकारा (1.18–19)

किन समस्याओं के लिए: ईश्वर पर संशय, उदासी, दुख, खालीपन · 19 अध्याय

आगे क्या करें

यह प्रसंग पुस्तक “श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन” में विस्तार से पढ़ा जा सकता है। किसी प्रश्न पर सीधे बात करना चाहें तो व्हाट्सएप करें।