करियर और पैसा · स्कंद 7
दफ्तर की राजनीति और धोखा
पूरी दुनिया आपके खिलाफ हो — प्रह्लाद ने फिर भी यह किया
मूल शिक्षा
विरोध से घिरे हों तो भी अपने मूल्यों पर अडिग रहें
- कथा / श्लोक संदर्भ
- हिरण्यकशिपु और प्रह्लाद (7.5–8)
- स्कंध
- स्कंद 7 — प्रह्लाद और नरसिंह अवतार
इस स्कंध का सार
अटूट भक्ति; भगवान भक्त की रक्षा करते हैं
नरसिंह खंभे से प्रकट हुए (7.8–9)
किन समस्याओं के लिए: जहरीला माहौल, नौकरी का धोखा, लंबी बीमारी · 15 अध्याय
आगे क्या करें
यह प्रसंग पुस्तक “श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन” में विस्तार से पढ़ा जा सकता है। किसी प्रश्न पर सीधे बात करना चाहें तो व्हाट्सएप करें।