करियर और पैसा · स्कंद 8
लालच बनाम संतोष
जितना ज्यादा माँगा, उतना ज्यादा खोया — बलि का वह जवाब
मूल शिक्षा
सच्ची संपदा वह है जो आप छोड़ सकते हैं
- कथा / श्लोक संदर्भ
- बलि–वामन (8.18–22)
- स्कंध
- स्कंद 8 — समुद्र मंथन और महान अवतार
इस स्कंध का सार
कठिनाई में धैर्य; थकान में समर्पण
गजेंद्र का समर्पण (8.3)
किन समस्याओं के लिए: नौकरी जाना, तनाव, संतान-कामना · 24 अध्याय
आगे क्या करें
यह प्रसंग पुस्तक “श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन” में विस्तार से पढ़ा जा सकता है। किसी प्रश्न पर सीधे बात करना चाहें तो व्हाट्सएप करें।