करियर और पैसा · स्कंद 8
नौकरी जाना / पैसों की तंगी
सब कुछ छिन गया — गजेंद्र भी यही सोचता था, फिर क्या हुआ
मूल शिक्षा
जब सभी साधन विफल हों, समर्पण ही रणनीति है
- कथा / श्लोक संदर्भ
- गजेंद्र मोक्ष (8.2–4)
- स्कंध
- स्कंद 8 — समुद्र मंथन और महान अवतार
इस स्कंध का सार
कठिनाई में धैर्य; थकान में समर्पण
गजेंद्र का समर्पण (8.3)
किन समस्याओं के लिए: नौकरी जाना, तनाव, संतान-कामना · 24 अध्याय
आगे क्या करें
यह प्रसंग पुस्तक “श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन” में विस्तार से पढ़ा जा सकता है। किसी प्रश्न पर सीधे बात करना चाहें तो व्हाट्सएप करें।