उद्देश्य और पहचान · स्कंद 1
ईश्वर पर से विश्वास उठना
भगवान है या नहीं? यह सवाल शौनक ने भी पूछा था — जवाब आज भी मान्य है
मूल शिक्षा
भागवतम् उन लोगों के लिए रचा गया जो संशय में डूबे हैं
- कथा / श्लोक संदर्भ
- भागवतम् का आरंभ (1.1–2)
- स्कंध
- स्कंद 1 — सृष्टि और भक्ति का उद्देश्य
इस स्कंध का सार
जीवन का उद्देश्य; भक्ति सर्वोच्च लक्ष्य
परीक्षित ने मृत्यु को कृपा मानकर स्वीकारा (1.18–19)
किन समस्याओं के लिए: ईश्वर पर संशय, उदासी, दुख, खालीपन · 19 अध्याय
आगे क्या करें
यह प्रसंग पुस्तक “श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन” में विस्तार से पढ़ा जा सकता है। किसी प्रश्न पर सीधे बात करना चाहें तो व्हाट्सएप करें।