रिश्ते-नाते · स्कंद 10
अकेलापन और दिल टूटना
टूट जाने के बाद भी जो प्यार करते हैं — वे लोग असल में सबसे ज्यादा जीते हैं
मूल शिक्षा
भीतर के दिव्य की चाह — आत्मा का असली घर
- कथा / श्लोक संदर्भ
- गोपियों का विरह (10.29–33)
- स्कंध
- स्कंद 10 — कृष्ण चरित्र — संपूर्ण
इस स्कंध का सार
दिव्य जीवन — प्रेम, कर्तव्य, मित्रता
गोपियों का विरह (10.29); सुदामा मिलन (10.80)
किन समस्याओं के लिए: सभी रिश्ते, करियर और पहचान की समस्याएँ · 90 अध्याय
आगे क्या करें
यह प्रसंग पुस्तक “श्रीमद्भागवत कथा — समग्र अनुशीलन” में विस्तार से पढ़ा जा सकता है। किसी प्रश्न पर सीधे बात करना चाहें तो व्हाट्सएप करें।